:
Breaking News

Bihar Weather: बिहार के 24 जिलों में बारिश का अलर्ट, 5 में ऑरेंज और 19 में येलो चेतावनी; तेज हवाओं का भी अनुमान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में मानसून सक्रिय है। 24 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 5 जिलों में ऑरेंज और 19 में येलो अलर्ट है। तेज हवाओं के साथ गंगा-कोसी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है।

पटना, 24 अगस्त। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। सावन की चौथी सोमवारी पर राज्य के 24 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने पांच जिलों के लिए ऑरेंज और 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

वहीं बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और पटना समेत कई जिलों में येलो अलर्ट है। इसके अलावा जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और बांका में भी बारिश और तेज हवा की संभावना को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य के बाकी हिस्सों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। राजधानी पटना में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम का यह बदलाव अगले कई दिनों तक जारी रह सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक 29 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर बने रहने की संभावना है।

गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता

बारिश के बीच बिहार की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। गंगा और कोसी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदियों में बढ़ते पानी को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

फरक्का बराज से पानी के प्रवाह को लेकर भी बिहार की चिंता सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बातचीत कर फरक्का बराज के सभी गेट खोले जाने की मांग की है। बिहार सरकार का मानना है कि बराज से पानी के निकासी प्रबंधन का असर गंगा के जलस्तर पर पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल की ओर से इस दिशा में जल्द कदम उठाने का भरोसा दिए जाने की बात कही गई है।

सामान्य से अब तक 42 फीसदी कम बारिश

बिहार में मानसून की स्थिति को लेकर एक दिलचस्प तस्वीर सामने आ रही है। एक तरफ कई जिलों में बारिश और बाढ़ का खतरा बना हुआ है, वहीं पूरे राज्य के औसत आंकड़े में बारिश अभी सामान्य से काफी पीछे है।

23 अगस्त तक बिहार में करीब 710.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में लगभग 414.1 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई। यानी राज्य में करीब 296.8 मिलीमीटर बारिश की कमी बताई जा रही है। कुल मिलाकर बारिश सामान्य से लगभग 42 प्रतिशत कम रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश की कमी का एक बड़ा कारण मानसूनी सिस्टम का कमजोर रहना और बारिश का असमान वितरण है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कई सिस्टम अपेक्षित मजबूती के साथ बिहार तक नहीं पहुंच पाए। इसका असर राज्य के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता पर पड़ा।

अब बदल सकता है मौसम का मिजाज

हालांकि आने वाले दिनों में मौसम की तस्वीर बदलने के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास एक मौसम तंत्र सक्रिय है, जबकि उत्तर बंगाल की खाड़ी में भी नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की स्थिति बन रही है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अगले 24 घंटे में मानसूनी हवाओं के मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।

यदि सिस्टम मजबूत हुआ तो बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खासकर उत्तर और दक्षिण बिहार के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

25 अगस्त को इन जिलों में बारिश के आसार

25 अगस्त को जहानाबाद, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गया, बक्सर, सीवान, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में बारिश की संभावना है।

इसके अलावा पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय में भी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर बिहार के कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

26 अगस्त को दक्षिण बिहार में बढ़ेगा बारिश का असर

26 अगस्त को दक्षिण बिहार में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। गया, नवादा और औरंगाबाद समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दिन कई जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी-पानी को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 15 जिलों में आंधी एवं बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहने की संभावना है।

गर्मी से भी पूरी तरह राहत नहीं

मानसून सक्रिय होने के बावजूद बिहार के कई हिस्सों में तापमान ऊंचा बना हुआ है। अररिया में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। मोतिहारी और पटना में तापमान 37 डिग्री के आसपास रहा।

सुपौल में 36.8 डिग्री, पूर्णिया में 36.7 डिग्री और औरंगाबाद में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इससे साफ है कि बारिश के बावजूद उमस और गर्मी से लोगों को पूरी तरह राहत नहीं मिली है।

बारिश के साथ सावधानी जरूरी

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को तेज हवा और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है।

नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बढ़ता जलस्तर विशेष चिंता का विषय है। गंगा और कोसी समेत अन्य नदियों की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।

फिलहाल बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर बारिश की कमी का आंकड़ा राज्य को सामान्य मानसून से पीछे दिखा रहा है, तो दूसरी ओर आने वाले मौसम तंत्र भारी बारिश की संभावना बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन बिहार के लिए मौसम और नदी के जलस्तर, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

यह भी पढ़ें

बिहार में फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; नदियों के बढ़ते जलस्तर से चिंता

गंगा-कोसी के बढ़ते पानी से बिहार में बढ़ी चिंता, प्रशासन ने निचले इलाकों पर बढ़ाई निगरानी

मौसम का बदलता मिजाज क्यों महत्वपूर्ण?

बिहार में इस समय मौसम दो अलग तस्वीरें दिखा रहा है। राज्य के औसत बारिश के आंकड़े में बड़ी कमी है, लेकिन जिन इलाकों में लगातार बारिश हो रही है वहां नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। यही असमान बारिश बिहार की सबसे बड़ी चुनौती बन रही है।

आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम मजबूत होता है तो बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है, लेकिन बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर जलजमाव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन के लिए केवल बारिश का अनुमान नहीं, बल्कि नदी और निचले इलाकों की निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।

लोगों को भी मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अनावश्यक यात्रा से बचना और आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *